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जनकपुर पहुंचे गुरुजी गौतम ऋषि, भारत-नेपाल सांस्कृतिक रिश्तों पर किया संवाद, गौ हत्या पर जताई गहरी चिंता

नेपाल llमिथिला की पावन भूमि जनकपुर धाम में हाल ही में ज्योतिष रत्न, ज्योति शिरोमणि एवं अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुजी गौतम ऋषि का आगमन हुआ। नेपाल अवस्थित मां जानकी धाम पहुंचकर उन्होंने माता सीता के प्राकट्य स्थल जनकपुर मंदिर का दर्शन कर मां जानकी को प्रणाम किया और मिथिला वासियों सहित समस्त देशवासियों तथा विश्व कल्याण की मंगलकामना की।

इस दौरान गुरुजी ने जनकपुर धाम मंदिर के प्रमुख महंत श्री तपेश्वर बाबा एवं वर्तमान महंत श्री राम रोशन वैष्णव जी से विशेष मुलाकात की। संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल केवल पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े हुए सार्वभौमिक मित्र राष्ट्र हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक धरोहर एक जैसी है। जहां भारत में भगवान श्रीराम अवतरित हुए, वहीं नेपाल की धरती पर माता सीता का प्राकट्य हुआ। रामायण काल से ही भारत और नेपाल के बीच बेटी-रोटी का मधुर संबंध रहा है।

गुरुजी गौतम ऋषि ने अपनी गहन पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन गौ, गंगा, गायत्री, गीता और सनातन धर्म की सेवा के लिए समर्पित है। इसी संदर्भ में उन्होंने गौ हत्या के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गौ हत्या न केवल हमारे समाज और धर्म के लिए, बल्कि पूरी मानव सभ्यता के लिए कलंक है। नेपाल में भी इस संबंध में स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने विशेष रूप से नेपाल से गौ माता की तस्करी और बांग्लादेश सीमा पर गौ वध की घटनाओं पर गहरी पीड़ा जताई। इस मुद्दे पर जनकपुर धाम मंदिर के दोनों महंतों ने भी सहमति जताते हुए गौ हत्या पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।

भारत-नेपाल संबंधों पर चर्चा करते हुए गुरुजी ने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद जारी है और वे नेपाल के राजनेताओं से भी इस विषय पर संपर्क में हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि गौ संरक्षण और गौ सेवा के लिए दोनों देशों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे। इसी क्रम में उन्होंने जनकपुर के पुलिस अधीक्षक नरहरी नेगमी से भी भेंट की और गौ हत्या रोकने तथा संरक्षण के लिए विस्तृत चर्चा की। गुरुजी ने प्रस्ताव रखा कि यदि जनकपुर में कोई संस्था इस दिशा में कार्य नहीं कर रही है तो उनके नेतृत्व में संचालित अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान अपने संसाधनों से यहां इस कार्य के लिए आगे बढ़ने को तैयार है। इस प्रस्ताव पर एसपी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी संस्था के आगे आने से गौ हत्या पर रोकथाम संभव हो सकेगी।

गुरुजी गौतम ऋषि ने जनकपुर के अन्य जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने जनकपुर की पार्षद रीना देवी से संवाद किया और गौ सेवा व संरक्षण के लिए निकट भविष्य में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।

इस प्रकार, गुरुजी गौतम ऋषि का यह दौरा भारत-नेपाल की साझा सांस्कृतिक धरोहर, गौ सेवा और सनातन धर्म के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।।

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