थाना साइबर क्राइम द्वारा वादी को डिजिटल अरेस्ट कर 1,70,00,000 रुपये की धोखाधड़ी/ठगी करने वाले गैंग का 01 साइबर अभियुक्त गिरफ्तार
नोएडा ll थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस द्वारा संकलित सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान वादी को डिजिटल अरेस्ट कर 1,70,00,000 रुपये की ठगी करने में संलिप्त 01 अभियुक्त दीपक पुत्र मंगल कुमार को सरोजनी नगर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
वादी, निवासी सेक्टर-62 नोएडा, गौतमबुद्धनगर द्वारा दिनांक 16.09.2025 को मु0अ0सं0 0104/2025, धारा 308(2), 319(2), 318(4) बी.एन.एस. व 66डी आईटी एक्ट में थाना साइबर क्राइम नोएडा पर अभियोग पंजीकृत कराया गया था। साइबर अपराधियों द्वारा वादी को डिजिटल अरेस्ट कर स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताते हुए यह कहकर डराया किया गया कि वादी के मोबाइल फोन का प्रयोग “नरेश गोयल स्कैम” में अवैध गतिविधियों के लिए हुआ है। इसी बहाने वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर उसे गिरफ़्तारी का भय दिखाते हुए 1,70,00,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई। विवेचना के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज़ कराया गया। साक्ष्य संकलन के उपरांत धारा 61(2) बी.एन.एस. की वृद्धि की गई।
पूछताछ का विवरण—
अभियुक्त ने बताया कि उसके बैंक खाते में ठगी की धनराशि प्राप्त होती थी, जिसे वह अपने साथियों के साथ मिलकर एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। इसके बदले उसे लगभग 10% कमीशन मिलता था। अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि वह अपना बैंक खाता किराए पर अन्य लोगों को उपलब्ध कराता था। घटना में प्रयुक्त बैंक खाते के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से कुल 03 शिकायतें दर्ज हैं। अभियुक्त दीपक के बैंक खाते में घटना से संबंधित 01 लाख रुपये आए थे। इस प्रकरण में 03 अभियुक्तों की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण—
दीपक पुत्र मंगल कुमार निवासी ग्राम पिलंजी, थाना सरोजनीनगर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली उम्र—19 वर्ष
बरामदगी का विवरण—
घटना में प्रयुक्त 01 आईफोन 13 (5G), रंग—लाइट पिंक।
नोट :- साइबर जागरूकता सुझाव बिन्दु –
1- किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वाट्सअप कॉल और video call द्वारा पुलिस की वर्दी पहन कर किये जा रहे कॉल पर यकीन करने से पूर्व उक्त मो0न0 और बताये गये नाम व पद को GOOGLE SEARCH के द्वारा अथवा सम्बन्धित विभाग की वेवसाइट पर उपलब्ध अधिकारियों का और उनकी तैनाती स्थल की जाँच पडताल के बाद ही बतायी जा रही किसी बात का यकीन करें ।
2- किये गये What’s app call और video call के विषय में एक बार कोई जानकारी साझा करने से पूर्व उक्त मो0न0 के विषय में निकटवर्ती Cyber cell आथवा सम्बंधित विभाग जैसे नार्कोटिक्स, फेडेक्त कोरियर, CBI आदि विभिन्न संस्थानो के हेल्प डेस्क से भी जॉच पडताल करें ।
3- अगर आपके द्वारा कोई भी पार्सल नही भेजा गया है अथवा पार्सल में यदि बताया जा रहा है कि एक पार्सल मिला है जिसमें आपका आधार कार्ड या मो0न0 मिला है उक्त कॉल पर यकीन ना करें वह साइबर क्रिमिनल का कॉल हो सकता है । अगर किसी विधिक कानूनी कार्यवाही की धमकी दी जा रही हो तो घबराये नही तत्काल इस बात की सूचना सम्बन्धित / निकटवर्ती थाने में अवश्य दें ।
4- अगर आपके आधार की आई0डी0 /आपके नाम से कोई बैंक खाता खोले जाने की बात कही जा रही हो तो उसे तत्काल ब्लॉक कराने के लिये सम्बन्धित नजदीकी बैंक जाकर उक्त के सम्बन्ध में जानकारी एकत्र कर उक्त बैंक खाते को बन्द कराने की कार्यवाही को अमल में लाया जाये ।
5- यदि What’s app call और video call द्वारा आपके खाते में हवाला अथवा मनी लॉन्ड्रिंग से सम्बन्धित धनराशि आने की बात कही जाये तो उक्त कॉल पर यकीन न करें क्योकि कोई भी सरकारी संस्था मनी लान्ड्रिग अथवा हवाले के पैसे के सम्बन्ध में द्वारा दूरभाष अवगत नही कराती है ।
06- अगर What’s app call अथवा video call द्वारा आपके खाते की जॉच के उपरान्त कोई पुलिस Clearance certificate की बीत की जाती है तो यह निश्चित तोर पर Cyber Fraudsters आप को गुमराह कर आप के खाते में मौजूद बैंक धनराशि को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते है ।
07- किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यदि आपको What’s app call या video call कर आपको डराया या धमकाया जाता है तो आप इसके सम्बन्ध में अपने घर में मौजूद अन्य सदस्यो अथवा रिश्तेदारो को भी इसके विषय में अवश्य जानकारी दें ।



