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नोएडा में होगा इंटरनेशनल श्री जगन्नाथ पंचरात्र महोत्सव का भव्य आयोजन

नोएडा llइस दिसंबर दिल्ली-एनसीआर का माहौल भक्ति और संस्कृति के रंग में डूबेगा। सामुदायिक विकास समिति के तत्वावधान में आगामी 3 से 7 दिसंबर तक सेक्टर-21ए स्थित रामलीला ग्राउंड, नोएडा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का भव्य श्री जगन्नाथ पंचरात्र महोत्सव आयोजित होगा।

सामुदायिक विकास समिति के अध्यक्ष FCA डॉ. मनोरंजन मोहंती ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि जगन्नाथ संस्कृति के वैश्विक स्वरूप का प्रदर्शन भी होगा। समिति ने कहा कि महोत्सव में भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ 30 से 35 देशों से श्रद्धालु और जगन्नाथ मंदिरों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। विश्वभर के लगभग 1000 जगन्नाथ मंदिरों से जुड़े कार्यकर्ता भी इसमें शामिल होंगे।

इस महोत्सव के आयोजन में समिति की पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। दिल्ली-एनसीआर के जाने-माने व्यक्तित्वों में प्रमोद भाल ,गुरुजी गौतम ऋषि और आचार्य शैलेश तिवारी अपना प्रमुख दायित्व निभा रहे हैं। इनके साथ-साथ धनेश्वर नायक,नित्यनंद राउत, स्वामी देवानंद सरस्वती सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि श्री दीपक रथ, संतोष राउत, अक्षय सामल, जी.पी. सामंत, आलोक पड्ढी, बिमल बारिक, प्रीतम नायक, रामकृष्ण साहू, जितेंद्र मुखी, रंजन दादा, सरिता महापात्र, पुष्पान्जलीं बारीक़ और संजय मिश्रा भी इस आयोजन में विशेष योगदान दे रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर के जगन्नाथ मंदिर से भी व्यापक सहयोग होगा। 31 मंदिरों के प्रतिनिधि इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे जिसमे हौज़ खास, फरीदाबाद, सेक्टर 121, गुडगाँव, रोहिणी , झिलमिल, वैशाली, कोटला, तयागराज, सालारपुर, बहादुरगढ़ इत्यादि आज की मीटिंग मे शामिल हुए | साथ ही समिति के अन्य अनेक सदस्य भी इस आयोजन को सफल और भव्य बनाने में जुटे हैं।

दिल्ली एनसीआर के ओड़िआ के 80 से भी अधिक अर्गेनाइजेसन से प्रतिनिधि भी आज मिले और इस भब्य इंटरनेशनल श्री जगन्नाथ पांच रात्र महोत्सव को सफल बनाने के लिए संकल्प लिया |

सबसे खास बात यह है कि इस महोत्सव में देश-विदेश से अनेक संत-महात्मा और आचार्य भी शिरकत करेंगे। अयोध्या, उड़ीसा और देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के मंदिरों और मठों से संतों का आगमन होगा, जो अपने प्रवचनों और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से वातावरण को और भी पावन बनाएंगे। इन संत-महात्माओं की उपस्थिति महोत्सव को केवल एक सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे एक आध्यात्मिक संगम का स्वरूप देगी।

महोत्सव प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 10:30 बजे तक चलेगा। इसमें मंगल आरती, बाल धूप, यज्ञ, कथा और भजन होंगे। शाम को उड़ीसी, कथक, गोटीपुआ और महारी नृत्य जैसी प्रस्तुतियां होंगी। आयोजन स्थल पर भगवान जगन्नाथ के 24 स्वरूपों का दर्शन कराया जाएगा और प्रतिदिन स्कंद पुराण पर विशेष व्याख्यान भी होगा जिससे ओड़िशा से स्वामी सत्यानंद महाराज प्रस्तुत करेंगे |

श्रद्धालु यज्ञ में भाग ले सकेंगे। इसके लिए 100 यज्ञ स्थल बनाए गए हैं, जिन पर एक साथ 400 लोग यज्ञ कर पाएंगे। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन की व्यवस्था होगी। वहीं, भोजन के लिए उड़ीसा के 30 जिलों से आए पारंपरिक शाकाहारी व्यंजन उपलब्ध होंगे। लगभग 60 फ़ूड स्टॉल लगाए जाएंगे।

महोत्सव से जुड़ी जानकारी समिति की वेबसाइट (svsamiti.com) पर उपलब्ध है। श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से हवन सीट बुकिंग और सदस्यता पास प्राप्त कर सकेंगे।

समिति का विश्वास है कि यह आयोजन पिछले वर्ष हुए रज पर्व की तरह ही सफल रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक प्रेरणा बनेगा। समिति को भरोसा है कि यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक साबित होगा।

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