भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक से गुंजायमान हुआ पूरा यज्ञ परिसर
नोएडा llभारत उत्कर्ष महायज्ञ के पवित्र मंच पर आज का दिन ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्साह से पूर्ण रहा। भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने और उनके भव्य राज्याभिषेक के दिव्य प्रसंग को आज विशेष रूप से यज्ञ परिसर में जीवंत किया गया। वातावरण जयकारों, वैदिक मंत्रों और भक्ति रस से सराबोर रहा।

सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, क्योंकि रामकथा के इस अलौकिक प्रसंग के साथ आज यज्ञ में देश–विदेश से आए अनेक भक्तों ने पहुंचकर आहुति अर्पित की। विभिन्न राज्यों, सांस्कृतिक संगठनों और प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों ने यज्ञ में सहभागिता कर राष्ट्रकल्याण और विश्वशांति की प्रार्थना की।

राघवाचार्य जी ने अपने श्रीमुख से जब प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने का प्रसंग सुनाया, तो पूरा पंडाल “राम लला की जय”, “सीता माता की जय” के उद्घोषों से गूंज उठा। इसके बाद जब श्रीराम के राज्याभिषेक का दिव्य वर्णन प्रस्तुत हुआ, तो श्रोता भाव-विभोर हो उठे। लोगों ने दीप प्रज्वलित कर, पुष्पांजलि अर्पित कर और विशेष आरती में शामिल होकर इस क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
यज्ञ मंडप में पहुंचकर देश–विदेश से आए भक्तों ने 108-कुण्डीय महायज्ञ में अपनी आहुति समर्पित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल आध्यात्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान और जनमानस में सकारात्मक ऊर्जा जगाने का माध्यम है।
संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि रामराज्य के आदर्शों—धर्म, न्याय, करुणा और समरसता—को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज का यह दिन विशेष रूप से समर्पित किया गया था। महायज्ञ में हर दिन बढ़ती श्रद्धालु संख्या इस बात का प्रमाण है कि भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा आज भी जनमानस के हृदय में गहराई से बसती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भक्ति संगीत, सत्संग और वैदिक अनुष्ठानों के साथ दिनभर महायज्ञ स्थल उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बना रहा।



