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संविधान केवल पुस्तक नहीं, हिंदुस्तान की आत्मा, कांग्रेस कर गुमराह : कटारिया  

कुरुक्षेत्र ll केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि संविधान केवल पुस्तक नहीं है, बल्कि यह हिंदुस्तान की आत्मा है। दलितों का सम्मान व स्वाभिमान है, इसलिए दलितों को अपने अधिकारों और संविधान सम्मान के प्रति जागरूक होना होगा। कटारिया ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान सम्मान के नाम पर ढोंग कर दलितों को गुमराह कर रही है।

कटारिया शनिवार को शाहाबाद में लाडवा रोड स्थित देवी मंदिर धर्मशाला में हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह में बतौर बोल रहे थे। समारोह में पहुंचने पर शाहाबाद सरपंच एसोसिएशन के प्रधान कुलविंद्र ढकाला ने सुदेश कटारिया का स्वागत किया और सरपंच एसोसिशन की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्यातिथि सुदेश कटारिया ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर को बार-बार अपमानित करने वाली कांग्रेस आज संविधान सम्मान का ढोंग कर रही है। रैलियों व सार्वजनिक मंचों पर संविधान की पुस्तक लहराने वालों को संविधान के मायने नहीं पता है। उनका मकसद केवल दलितों को गुमराह कर वोट हथियाना है। दलितों को कांग्रेस की गुमराह करने वाली राजनीति का न केवल जवाब देना होगा, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक भी होना होगा।

सुदेश कटारिया ने कहा कि संविधान सम्मान समारोह का उद्देश्य दलितों को इतिहास के पन्नों के प्रति जागरूक करना है कि किस तरह कांग्रेस ने संविधान निर्माता को बार-बार अपमानित किया। कांग्रेस से षड्यंत्र के तहत संविधान निर्माता को हर चुनाव हराया। उन्होंने कहा कि पूर्व के कांग्रेस शासन काल में दलितों का उत्पीड़न होता था। हर 18वें मिनट में दलितों को प्रताड़ना सहन करनी पड़ती थी।

अंत्योदय उत्थान और मिशन मेरिट ने बदली दलितों की तकदीर :-

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के मीडिया सलाहकार ने कहा कि जब वर्ष 2014 में मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश की कमान संभाली तो उन्होंने प्रदेश में चली आ रही भाई भतीजावाद, क्षेत्रवाद और जातिवाद की प्रथा को समाप्त करते हुए अंत्योदय उत्थान की शुरुआत की, यानि समाज में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ दिलाया। उन्होंने सबसे बड़ा कदम उठाया मिशन मेरिट, जिसके आधार पर पढ़े लिखे व गरीब युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरी मिली। बिना पर्ची-बिना खर्ची दलित युवाओं का योग्यता के आधार पर नौकरी लगने का सपना पूरा हुआ।

दलितों की सुनवाई के लिए बनाया एससी कमीशन सुदेश कटारिया ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के शासनकाल में दलितों का हर 18वें मिनट में उत्पीड़न होता था। दलितों को अपनी सुनवाई के लिए दिल्ली एससी कमीशन में जाना पड़ता था। दलितों की सबसे पुरानी एससी कमीशन की बनाने की मांग को मनोहर लाल ने पूरा किया। इसके साथ ही, मनोहर लाल ने सफाई कर्मचारी आयोग का भी गठन किया। सबसे बड़ा फैसला उन्होंने पदोन्नति में आरक्षण लागू करने का लिया। पदोन्नति में आरक्षण लागू करने से कर्मचारियों की रूकी हुई पदोन्नति बहाल हुई।

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