एमिटी विश्वविद्यालय और यूसोर्ब नैनोसोल्यूशन के मध्य टेक्नोलॉजी लाइसेसिंग एंव स्टार्टअप इंक्यूबेशन एग्रीमेंट पर हुआ हस्ताक्षर
Noida llएमिटी विश्वविद्यालय के डायरेक्टोरेट ऑफ इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर द्वारा आयोजित एग्रीमेंट हस्ताक्षर समारोह में एमिटी विश्वविद्यालय और यूसोर्ब नैनोसोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के मध्य किया गया टेक्नोलॉजी लाइसेंसीग एंव स्टार्टअप इंक्यूबेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया गया। इस अवसर एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला और एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती की उपस्थिती में एमिटी विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलसचिव प्रो आर के कपूर और यूसोर्ब नैनोसोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक प्रो रानू नायक ने टेक्नोलॉजी लाइसेंसीग एंव स्टार्टअप इंक्यूबेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये। यह स्टार्ट-अप एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी की प्रोफेसर रानू नायक द्वारा बनाया गया है, जिसे नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण निदेशालय (डीआईटीटी) द्वारा सम्मानित किया गया है।

यूसोर्ब नैनोसोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक प्रो रानू नायक ने कहा कि यूसोर्ब नैनो सॉल्यूशंस एक भारतीय स्टार्टअप है जिसे एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा में इनक्यूबेट किया गया है। समुद्री तेल रिसाव से पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है और मानव स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। भारत को आसानी से उपलब्ध संसाधनों और तकनीकों की कमी के कारण रिसाव पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हमारे द्वारा विकसित तकनीक टिकाऊ नैनोसॉर्बेंट तकनीक है जो कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, इंजन तेल सहित किसी भी तरह के तेल को अवशोषित करती है, जिससे लगभग 99 प्रतिशत तेल को जमा कर लिया जाता है। पारंपरिक मल्टी-स्टेप क्लीनिंग प्रक्रियाओं, विकेन्द्रीकृत उपचार विकल्प और उत्कृष्ट पुन:प्रयोज्यता की तुलना में यह तकनीक परिचालन व्यय में काफी बचत करेगी। यह गैर विषैला और पर्यावरण के अनुकूल भी है, जो इसे संसाधन-रहित क्षेत्रों में रक्षा के लिए भारत का पहला कम लागत वाला खतरा मुक्त, ईंधन परिवहन समाधान बनाता है।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि एमिटी हमेशा अपने संकाय और छात्रों को अपने स्वयं के उद्यम शुरू करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है। हमें एमिटी वैज्ञानिक, प्रो. रानू नायक पर बहुत गर्व है, जिन्होंने अपने सह-संस्थापक और टीम के साथ मिलकर इस पथप्रदर्शक तकनीक पर इतनी मेहनत की है। हमें यकीन है कि यह तकनीक पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने और स्थिरता सुनिश्चित करने में बेहद फायदेमंद होगी।
यूसोर्ब नैनोसोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की सह -संस्थापक डा सुर्वणा घोष ने कहा कि हमारी गो-टू मार्केट रणनीति में सरकारी संगठनों, तटरक्षक बल, भारतीय रक्षा (भारतीय सेना और भारतीय नौसेना) और निजी कंपनियों (ऑटोमोबाइल उद्योग और रसद क्षेत्र) तक पहुँचना शामिल है। हमें उम्मीद है कि हमारी तकनीक को इन संगठनों द्वारा स्वीकार किया जाएगा और जल्द ही इस तकनीक का व्यवसायीकरण किया जाएगा।
एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने हमें तीन महत्वपूर्ण मिशन दिए हैं- आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, और स्वस्थ भारत। तेल रिसाव मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्रों में तरल पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन का रिसाव है। तेल रिसाव से समुद्र और नदियाँ प्रदूषित होती हैं और समुद्री जीवन को नुकसान पहुँचता है। इसलिए, हमारे वैज्ञानिकों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियाँ समुद्र से तेल प्रदूषकों को हटाने में अत्यंत सहायक होंगी, जिससे पर्यावरण की रक्षा होगी।
इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के डा ओ पी सिन्हा, डा मीनाक्षी कनौजिया उपस्थित थी।



