एमिटी विश्वविद्यालय में विश्व फिजियोथेरेपी सप्ताह 2025 का शुभारंभ
नोएडा llविश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर आज एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ एलाइड साइंसेस के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा ‘‘विश्व फिजियोथेरेपी सप्ताह 2025’’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति आयोग के सदस्य डा वी पी गुप्ता, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, नोएडा के गोल ओरियंटेड फिजियोथेरेपी के निदेशक डा मयंक शर्मा, एमिटी फांउडेशन फॉर डेवलपमेंट डिस्सेबिलिटीज के वरिष्ठ निदेशक डा एस के श्रीवास्तव और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ एलाइड साइंसेस के निदेशक डा जसोबंता सेठी द्वारा किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निर्वहन करने की शपथ भी ली।
राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति आयोग के सदस्य डा वी पी गुप्ता ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल लोगों को स्वस्थ एवं जागरूक करने का कार्य नही है बल्कि समाज के प्रति आपका योगदान है इसलिए हमें अपने बेहतरीन ज्ञान व कौशल का उपयोग करना चाहिए। डा गुप्ता ने कहा कि किसी भी देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए वहां की जनता का स्वस्थ होना आवश्यक है ऐसे में जब हमारा देश विकसित होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है आपकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। आप चिकित्स हो या ना हो किंतु आप समाज के लिए जो भी करते है लोग आपको उसके लिए याद रखते है। जितनी जल्दी रोग का पता चलता है उसका निवारण उतना शीघ्र संभव है। यह आपका समय है इसलिए आप अपने मरीजो ंके गुणवत्ता पूर्ण जीवन जीने में सहायक बने। उन्होनें छात्रों से कहा कि अपने कार्य के लिए ईमानदार रहे चाहे आप भविष्य में रोगीयों का इलाज करें या वर्तमान में शिक्षा ग्रहण करे।
एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में लोगों की स्वस्थता और गतिशीलता को बनाये रखने के लिए फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लोगों की क्षमता को बढ़ाने एवं रोग सहित दर्द मुक्त करने में सहायक बन रहे है। फिजियोथेरेपी, वर्षो को जीवन में नही जोड़ता बल्कि जीवन को वर्षो में जोड़ता है। यह मरीज को आपकी सहायता से स्वस्थ जीवन जीने में सहायता करता है। वृद्ध लोगों को गतिशीलता और स्वस्थता बढ़ाने के लिए शरीर की कई प्रणालियों का पूर्ण उपयोग करने में सक्षम बनाने में फिजियोथेरेपिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब कार्यात्मक गतिशीलता में सुधार या उसका रखरखाव भी उचित लक्ष्य न हो, तो फिजियोथेरेपिस्ट वृद्ध लोगों को आरामदायक और दर्द-मुक्त रहने में मदद कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के मिशन विकसित भारत में नागरिकों का सशक्तीकरण महत्वपूर्ण भाग है जिसमें आप स्वस्थ नागरिक बनने में सहायक होगें।
नोएडा के गोल ओरियंटेड फिजियोथेरेपी के निदेशक डा मयंक शर्मा, ने कहा कि स्वस्थता एंव बढ़ती उम्र का कोई संबंध नही है आप किसी भी उम्र में स्वस्थ रह सकते है। आज हर व्यक्ति अपनी जीवनशैली में व्यस्त है। हमने पहले बहुत कार्य किया और व्यस्त रहे, लेकिन स्वस्थता पर ध्यान नही दिया और आज सेवानिवृत्त होकर स्वस्थता के लिए अधिक व्यायाम कर रहे है। दोनो ही स्थितियां ठीक नही है। शारीरिक स्वस्थता के लिए हर रोज आपको नियमित जीवनशैली अपनानी चाहिए। फिजियोथेरेपी, इस मध्य रिक्त स्थान को कम करता है।
एमिटी फांउडेशन फॉर डेवलपमेंट डिस्सेबिलिटीज के वरिष्ठ निदेशक डा एस के श्रीवास्तव ने कहा कि जीवन में स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक स्वस्थता एवं मानसिक स्वस्थता दोनो आवश्यक है। वर्तमान में स्वास्थय के क्षेत्र आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए आज व्यक्ति फिजियोथेरेपी की सहायता ले रहा है। आपको रोगियों को स्वस्थ भोजन, जीवनशैली के संर्दभ में भी जानकारी प्रदान करनी चाहिए



