केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एमिटी विश्वविद्यालय में किया 26वें अंर्तराष्ट्रीय बिजनेस क्षितिज ‘‘इनबुश विश्व सम्मेलन 2026 का शुभारंभ
नोएडा llआज के युवा छात्रों, भविष्य के उद्यमियों, व्यापार जगत के दिग्गजों, अकादमिकों आदि को एक मंच पर लाकर व्यापार व अनुसंधान के महत्व पर चर्चा करने हेतु एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल द्वारा ‘‘भविष्य का निर्माण सीमाओं को मज़बूत करना – मकसद, लोगों और पार्टनरशिप के ज़रिए तरक्की को ताकत देना’’ विषय पर त्रिदिवसीय 26वें अंर्तराष्ट्रीय बिजनेस क्षितिज ‘‘इनबुश विश्व सम्मेलन 2026’’ का आयोजन किया गया। इस 18 से 20 फरवरी 2026 तक चलने वाले सम्मेलन का शुभारंभ भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के केन्दीय मंत्री श्री चिराग पासवान, एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान, एमिटी विश्वविद्यालय के चंासलर डा अतुल चौहान, योर्क विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो चार्ली जेफरी और एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर केन्दीय मंत्री श्री चिराग पासवान सहित अकादमिक एंव व्यापार क्षेत्र में अतुलनिय योगदान के लिए विभिन्न उद्यमियों और अकादिमों को एमिटी एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित भी किया गया।

भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के केन्दीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने कहा कि आप सब देश का भविष्य है जो विकसित भारत का निर्माण करेगे। विकसित भारत के निर्माण मे ंना मै रहंूगा और ना ही हमारी पीढ़ी के लोग रहेगे बल्कि उस वक्त आप लोग प्रमुखता से अग्रसर रहेगे इसलिए मै मानता हूं आप लोगो की पीढ़ीयों पर बड़ी जिम्मेदारी है। इतिहास गवाह है कि पीढ़ीयों ने बड़ी जिम्मेदारीया ली है और निभाई है। 21 वी सदी की प्रथम चौथाई हिस्से को पूर्ण कर चुके है अब यह दूसे चौथाई भाग में है जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे है। बचपन से हम लोग सुनते आ रहे रहे थे हम विकासशील देश है कितु कब विकसित देश बनेगें इस बारे में बात नही होती थी लेकिन अब विकसित भारत मिशन 2047 से हम क्षेत्र, हर कार्य को सुनियोजित तरीके से विकसित भारत लक्ष्य में शामिल कर रहे है। आने वाले दशको में निती निर्माण और निर्णय लेने की भूमिका में आप होगें इसलिए आप जब उस जिम्मेदारी को निभाये तो सुनिश्चित करे की लक्ष्य आपके भी बड़े होने चाहिए। यहां से जब बाहर निकलेगें तो आपके सामने कई चुनौतियां आयेगी और संस्थानों में आपके शिक्षकों द्वारा सही मायनों में उस परिक्षा के लिए आज से तैयार किया जाता है। हर कठिन समय अवसरों के साथ आता है और आप उस समय का अपनी प्रतिभा द्वारा अवसरों में बदल पाते है तो उससे बेहतर कुछ नही हो सकता। जिस लक्ष्य के साथ बढ़ रहे है विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न चुनौतियां सामने आयेगे और हमारा देश हर चुनौती के लिए तैयार है। सरकार की कोशिशें एक प्रयास है लेकिन संकल्प को सिद्धी तक ले जाने को कार्य आप युवा छात्र करेगें।
एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान ने कहा कि युवा छात्रों को किसी भी टेड स्पीकर को सुनने की बजाय श्री चिराग पासवान जी का अनुकरण करे। आज हमारे छात्र आपके वचनों से प्रोत्साहित होगें। डा चौहान ने ‘‘स्वर्गीय श्री रामविलास पासवान जी ’’ के नाम पर हर दीक्षांत समारोह में उनके गुणों को आत्मसात करने वाले छात्र या छात्रा को प्रदान करने की घोषणा भी की। हम मिलकर देश को विश्व की महाशक्ती बनायेगें।
एमिटी विश्वविद्यालय के चांसलर डा अतुल चौहान ने कहा कि एमिटी मे ंहम छात्रों को वैश्विक नागरिक बनाने के लिए तैयार करते है। आज के छात्र भविष्य के नेता होगे और देश का नेतृत्व करेगे ऐसे में अकादमिक संस्थानों की जिम्मेदारी बनती है कि छात्रो ंको भविष्य के लिए तैयार रखे। इस सम्मेलन में पूरे विश्व से युवा हिस्सा ले रहे है। आज सारा विश्व भारत की ओर देख रहा है कि क्षेत्र में कितनी प्रगति, अनुसंधान व नवाचार कर रहा है।
योर्क विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो चार्ली जेफरी ने कहा कि हमें विशेषज्ञता और विशेषज्ञों को विकसित करना होगा जिससे समाज के लोग लाभांवित हो सके। आज भारत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण स्थान है इसलिए विश्व के विभिन्न देशो से बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय आ रहे है इसके अतिरिक्त भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जो प्रौद्योगिकी विकास के लिए आवश्यक है। इस प्रकार के सम्मेलन युवाओं को नई दिशा प्रदान करेगें।
एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने स्वागत करते हुए कहा कि हम यहाँ भविष्य निमार्ण के लिए आए हैं। सम्मेलन का विषय जो हमारे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, जो व्यवसाय के प्रबंधन के लिए वांछित परिवर्तनों और रणनीतियों के बारे में है। हमने अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण प्रगति की है और निवेश किया है। इस इनबुश विश्व सम्मेलन में सम्मेलन में उल्लेखनीय अंतरराष्ट्रीय भागीदारी में वैश्विक विश्वविद्यालयों के 1600 से अधिक वरिष्ठ नेतृत्व और शोधकर्ता शामिल हुए जैसे कि अल्बर्टा विश्वविद्यालय, मोनाश विश्वविद्यालय, मेलबर्न विश्वविद्यालय, बर्मिंघम विश्वविद्यालय, क्वीन मैरी विश्वविद्यालय लंदन, यॉर्क विश्वविद्यालय, यूके, यॉर्कविले विश्वविद्यालय, कनाडा, नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय, नॉर्थम्ब्रिया विश्वविद्यालय, कार्डिफ विश्वविद्यालय, नॉर्थम्प्टन विश्वविद्यालय, ससेक्स विश्वविद्यालय, एसोसिएशन ऑफ कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटीज, लीड्स, बाथ, चार्टर्ड एसोसिएशन ऑफ बिजनेस स्कूल्स, यूके जिसमें 200 से अधिक बिजनेस स्कूल शामिल हैं, इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय, आरएमआईटी विश्वविद्यालय, वेस्टर्न सिडनी, ऑकलैंड विश्वविद्यालय, कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी आदि है। इस अवसर पर त्रिदिवसीय सम्मेलन में कुल 1126 से अधिक शोध पेपर प्रस्तुत किये जायेगें।
इस अवसर पर भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के केन्दीय मंत्री श्री चिराग पासवान को एमिटी इंडस्ट्री एक्सलेंस अवार्ड फॉर लीडरशिप इन फूड प्रोसेसिंग एंड नेशन बिल्डिग से, योर्क विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो चार्ली जेफरी को एमिटी इंडस्ट्री एक्सलेंस अवार्ड फॉर ग्लोबल लीडरशिप इन हाइअर एजुकेशन से, डा लाल पाथ लैब्स के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन बिग्रेडियर डा अरविंद लाल को एमिटी हेल्थकेयर एक्सलेंस अवार्ड फॉर लाइफटाइम कंाट्रीब्यूशन टू डायग्नोस्टिक सर्विस सहित एबीपी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑन बोर्ड डा डी डी पुरकायस्था को एमिटी मिडिया एक्सलेंस अवार्ड, ऑटोकार इंडिया के संपादक श्री हार्मजद सोराबजी को एमिटी ऑटोमोटिव मिडिया एक्सलेसं अवार्ड, वाल्वो कार इंडिया प्राइवेट लिमिअेड के एमडी श्री ज्योती मल्होत्रा को एमिटी ऑटोमोटिवएक्सलेसं अवार्ड, रूबी हॉल हॉस्पीटल के गु्रप सीईओ श्री बेहराम कोडाइजी को एमिटी हेल्थकेयर लीडरशिप एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर ‘‘उद्देश्यपूर्ण साझेदारी और नीति संरेखण – साझा भविष्य के लिए यूके-भारत संबंधों को फिर से स्थापित करना” विषय पर यूके सत्र का आयोजन किया गय। इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और बिज़नेस मैनेजमेंट में हाल के ट्रेंड्स पर 5वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसका थीम ‘टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के ज़रिए इंजीनियरिंग और बिज़नेस सस्टेनेबिलिटी’ था। इस अवसर पर कई इंटरनेशनल किताबें और प्रोसीडिंग्स रिलीज़ की गई साथ ही द केस सेंटर, यूके के ज़रिए एक स्ट्रेटेजिक केस कम्पेंडियम और मुख्य कोलेबोरेटिव रिसर्च आउटपुट भी रिलीज़ किए गये, जिससे एमिटी की ग्लोबल एकेडमिक विज़िबिलिटी और मज़बूत होगी।



