गाजियाबाद में वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि विधान से भव्य यज्ञशाला का उद्घाटन
गाजियाबाद। लोनी क्षेत्र स्थित भारत सिटी में परमपूज्य यज्ञक सम्राट श्री श्री 108 स्वामी राजेंद्रानन्द सरस्वती के 41वें जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चारण और शास्त्रीय विधि विधान के बीच एक अद्वितीय और भव्य यज्ञशाला का उद्घाटन हुआ। यह यज्ञशाला अपनी बनावट और धार्मिक महत्व के कारण पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहली बार देखने को मिली है।
स्वामी राजेंद्रानन्द सरस्वती जी ने अपने कर-कमलों से यज्ञशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि सनातन परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों से प्रेरित यह यज्ञशाला समाज को अध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण में विशेष ध्यान रखा गया कि किसी भी प्रकार का वास्तु दोष न रहे और इसका हर एक आयाम वैदिक शास्त्रों के अनुसार ही तैयार किया जाए।
यज्ञशाला के उद्घाटन के साथ ही वैदिक मंत्रों की गूंज और आहुति से पूरा वातावरण पवित्र और मंगलमय हो गया। हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में भाग लिया और हवन में आहुति देकर अक्षय पुण्य का लाभ उठाया। उपस्थित भक्तों का कहना था कि स्वामी जी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से यह यज्ञशाला आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगी।
इस अवसर पर यज्ञशाला समिति के रणजीत सिंह, प्रमोद जोशी, कार्तिक झा, निशीकांत त्रिपाठी, संतोष शर्मा, सोमेंद्र मिश्रा, मुकेश रंजन, राजेश सिंह, योगेंद्र दीक्षित सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। साथ ही भारत सिटी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से शामिल होकर इसे ऐतिहासिक क्षण बना दिया।
यह आयोजन केवल एक उद्घाटन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा और सनातन धर्म के गौरव का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया।



