उत्तर प्रदेशधर्मधर्म कर्मराज्य - शहर

प्रज्ञा पाठक ने श्रीराम कथा में लिया आशीर्वाद, भक्ति और भावनाओं से सराबोर हुआ पंडाल

नोएडा। सेक्टर 82 पॉकेट 12 स्थित सेंटर पार्क में चल रही भव्य श्रीराम कथा में आज विशेष क्षण देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी की शहीद भगत सिंह महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रज्ञा पाठक कथा श्रवण के लिए पहुंचीं। उन्होंने महामंडलेश्वर स्वामी पंचमानंद महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और भजन-कीर्तन में भक्ति भाव से शामिल हुईं।

पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने बताया कि जैसे ही प्रज्ञा पाठक कथा स्थल पर पहुंचीं, भक्तों ने “जय श्रीराम” के जयकारों से स्वागत किया। पूरा पंडाल भक्ति और उत्साह से गूंज उठा। स्वामी पंचमानंद महाराज ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि जब समाज की शक्तिशाली महिलाएं धर्म और संस्कृति के मार्ग पर अग्रसर होती हैं, तब समाज का उत्थान स्वतः ही होता है।

प्रज्ञा पाठक ने कथा श्रवण के दौरान कहा कि स्वामी पंचमानंद महाराज के प्रवचन जीवन को सही दिशा देने वाले हैं। उन्होंने समिति के सभी पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं की व्यवस्था की सराहना की और कहा कि इतनी सुंदर कथा का आयोजन करना अपने आप में एक पुण्य कार्य है। पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, प्रज्ञा पाठक का सरल और मधुर स्वभाव सभी के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

कथा के दौरान वे भजन और कीर्तन में पूरी तरह लीन दिखाई दीं। पंडाल में बैठे भक्तों ने भी उनके साथ मिलकर भक्ति भाव से भगवान श्रीराम के भजनों का आनंद लिया। समिति के सदस्यों ने भी उनके आगमन पर आभार व्यक्त किया और बताया कि उनका आना कथा स्थल के लिए प्रेरणा का कार्य बना।

पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने यह भी बताया कि प्रज्ञा पाठक न केवल राजनीति में सक्रिय हैं, बल्कि समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक आयोजनों में भी अग्रणी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा पाठक जैसी नेतृत्वकर्ता महिलाओं से समाज को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

कथा समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके आने से आयोजन में नई ऊर्जा का संचार हुआ। सभी ने उनकी विनम्रता और भक्ति भाव की सराहना की। पत्रकार प्रमोद दीक्षित के मुताबिक, कथा के अंत में आरती के समय प्रज्ञा पाठक की भावनाओं ने सबका मन मोह लिया। उन्होंने भक्तों के साथ आरती में भाग लिया और भगवान श्रीराम से देश, समाज और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना की।

कार्यक्रम के अंत में समिति द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। भक्ति, श्रद्धा और संगठन की इस सुंदर मिसाल ने आज की कथा को अविस्मरणीय बना दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button