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बारिश बढ़ा रही है मुश्किल , फ्लू, डायरिया और फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़े

ग्रेटर नोएडा का मौसम चल रहा है, बारिश ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन यह मौसम ठंडक लाने के साथ-साथ कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ाकर लाता है। फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के इंटर्नल मेडिसिन विभाग के निदेशक, डॉ. दिनेश कुमार त्यागी के अनुसार, मौसमी प्रभाव के कारण ओपीडी में रिपोर्ट करने वाले मरीजों में:

करीब 40–45% मामले दस्त (डायरिया) और तेज बुखार (वायरल फिवर) के लक्षण वाले हैं।

लगभग 20–25% रोगियों में त्वचा की फंगल संक्रमण की समस्या देखी जा रही है

शेष 30–35% में अन्य स्वास्थ्य चिंताएँ—जैसे गले में संक्रमण, पाचन संबंधी शिकायतें आदि—देखने को मिल रही हैं।

डॉ. त्यागी बताते हैं कि बरसात के दिनों में मरीजों की संख्या लगभग 1.5 से 2 गुना तक बढ़ जाती है। उन्हें विशेष तौर पर युवा आबादी (45 साल तक) में फ्लू, फंगल इंफेक्शन और डायरिया के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस मौसम में डेंगू और मलेरिया के मामले बहुत कम दर्ज हुए हैं, जिससे राहत मिली है।

डॉ. त्यागी का कहना है कि इस मौसम में बाहर का खाना खाने से बचें। कोशिश करें कि ताज़ा और साफ-सुथरे तरीके से बना खाना ही खाएं। लंबे समय तक रखा हुआ भोजन बिल्कुल न लें। सलाद जैसी चीजों से बचें या फिर उन्हें अच्छे से छिलका उतारकर ही खाएं। खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं और पीने के लिए सिर्फ साफ, फ़िल्टर किया हुआ या उबला पानी इस्तेमाल करें।

मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास अथवा गमलों या कूलर में पानी न जमा होने दें। बारिश में भीगने से बचें, छाते या रेनकोट का इस्तेमाल करें क्योंकि भीगने से सर्दी-जुकाम और सांस की तकलीफ का खतरा बढ़ जाता है। पैरों को फंगल इंफेक्शन से बचाने के लिए प्लास्टिक या रबर के सही फुटवियर पहनना भी ज़रूरी है।

बरसात के दिनों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। अगर साफ-सफाई का ध्यान रखें और जरूरी सावधानी अपनाएं, तो इस मौसम का आनंद बिना बीमार हुए भी लिया जा सकता है।

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