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बिसरख पुलिस द्वारा MNC में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश 03 अभियुक्त गिरफ्तार

नोएडा llथाना बिसरख पुलिस द्वारा MNC कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 03 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे 01 CPU, 01 MONITOR, 01 KEY-बोर्ड, 01 माउस, 06 कूटरचित JOB ऑफर लेटर विभिन्न कम्पनी के, 03 मोबाइल फोन तथा 7600 रुपये नगद बरामद

अभियुक्तगण 1-विकास डाबर 2-अरुण कुमार 3-वैभव कुमार द्वारा MNC कंपनियों में अच्छे पैकेज पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों को सालाना पैकेज का लालच देकर फर्जी कूटरचित ऑफर लेटर जारी कर उनको मेल के माध्यम से भेजकर पैसे लेकर ठगी करते थे, जिसके सम्बन्ध में दिनांक 12.03.2026 को वादी/पीड़ित की लिखित तहरीर पर थाना बिसरख पर मु0अ0सं0 175 /2026 धारा 318(4),338,336(3),340(2),61(2) BNS पंजीकृत किया गया।

उक्त घटना के सफल अनावरण हेतु पुलिस उच्चाधिकारीगण के निर्देशन में गठित थाना बिसरख पुलिस टीम द्वारा दिनांक 13.03.2026 को गोपनीय सूचना के आधार पर अभियुक्त 1.विकास डाबर 2.अरुण कुमार 3.वैभव कुमार को इटेड़ा गोल चक्कर के पास सर्विस रोड़ थाना क्षेत्र बिसरख से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से 01 सीपीयू, 01 मॉनीटर, 01 की-बोर्ड, 01 माउस, 06 कूटरचित जॉब ऑफर लेटर (03 अल्टाँस कम्पनी व 03 नोर्थवेस्ट रिवेन्यू साईकिल मैनेजमेन्ट कम्पनी), घटना में प्रयुक्त 03 मोबाइल फोन भिन्न-भिन्न कम्पनी के व 7600 रुपये नगद बरामद हुए है।

अपराध का तरीका–

अभियुक्त विकास डाबर मूल रूप से हिसार हरियाणा का रहने वाला है, जो विदेशी कम्पनी U.S.हेल्थ केयर में क्लैम सेटल का कार्य करता है। इसके साथी वैभव कुमार व अरुण कुमार भी पूर्व में MNC कंपनियों में नौकरी कर चुके है जिनके द्वारा MYWORKDAYJOBS.COM पर अपनी प्रोफाइल बना रखी है, जिसके माध्मय से ये लोग नौकरी तलाश कर रहे लोगो का डाटा प्राप्त कर उनसे सम्पर्क करके नामी कंपनी (M.N.C) में नौकरी का प्रलोभन देकर कुल सालाना पैकेज के अनुरुप अपना हिस्सा (प्रतिशत) तय करके टोकन मनी के रूप में आंशिक रकम अपने खातो में ट्रान्सफर करा लेते है तथा MAILHOSTINGR.COM व GOOGLE ACCOUNT प्लेटफार्म पर नामी M.N.C. कंपनियों के समान ई-मेल आईडी CREATE कर अपने कम्प्यूटर से सम्बन्धित कम्पनी का ऑफर लेटर हेड (LOGO) सहित तैयार कर Joinning Date अंकित कर मेल के माध्यम से अभ्यर्थी को भेजा जाता है। जिससे अभ्यर्थियों यकीन हो जाता है तथा विश्वास कर वो बाकी तय रकम ऑनलाइन अभियुक्तगण के बताये गए खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। जब अभ्यर्थी/आवेदक के द्वारा सम्बन्धित कम्पनी पर जाकर अपनी नौकरी के सम्बन्ध जानकारी की जाती है तो किन्ही तकनीकी कारण व दस्तावेजो की त्रुटि का हवाला देकर उनको अग्रिम तिथि अथवा अन्य किसी कम्पनी का ऑफर लेटर पुनः मेल के माध्यम से गुमराह करने के लिए भेजा जाता है। अभियुक्तगण के खातों की जानकारी कर अन्य लेन-देन की जानकारी की जा रही है।

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