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मुझे चरणों से लगा ले मेरे श्याम मुरली वाले” — नोएडा में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

Noida llभारत विकास परिषद, नोएडा के तत्वावधान में सेक्टर-19 स्थित शनि मैदान, नोएडा में आज दिनांक 17 दिसंबर 2025 को विशाल श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा प्रारंभ से पूर्व 16 दिसंबर को नगर की माताओं-बहनों, परिषद के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं नगरवासियों द्वारा एक विशाल एवं भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

वृंदावन से पधारे विश्वविख्यात कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने कथा के प्रथम दिवस कहा कि “आज से नोएडा वृंदावन धाम बन गया है, यहां सात दिनों तक भक्ति रस की अविरल धारा बहेगी।”

श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को स्पष्ट करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भागवत जी स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय अर्थात शब्द स्वरूप हैं, जो मानव जीवन को भक्ति, ज्ञान और त्याग की दिव्य शिक्षा प्रदान करती है। उन्होंने भागवत शब्द का भावार्थ बताते हुए कहा कि ‘भ’ भवसागर में प्रकाश देता है, ‘ग’ जीवन को गति देता है, ‘व’ यह दर्शाता है कि भागवत सभी पुराणों में श्रेष्ठ है और ‘त’ यह सिखाता है कि जो भागवत की शरण में आता है, वह संसार सागर से तर जाता है।

श्रीमद्भागवत और श्रीमद्भगवद्गीता के अंतर को समझाते हुए उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत स्वयं साक्षात् श्रीकृष्ण हैं, जबकि श्रीमद्गीता भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से निकली उनकी वाणी है। गीता योग शास्त्र है, रामायण प्रयोग शास्त्र है और श्रीमद्भागवत वियोग शास्त्र है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर भवसागर से पार हो जाता है। यह ऐसा ग्रंथ है जिसमें केवल रस ही रस है, कहीं भी गुठली का नामोनिशान नहीं है।

महाराज श्री ने कहा कि श्री बिहारी जी महाराज को दो ही चीजें अत्यंत प्रिय हैं—चंदन और वंदन। जो भक्त भगवान को चंदन और वंदन अर्पित करता है, उसके जीवन के सभी बंधन स्वतः कट जाते हैं।

कथा के दौरान महाराज श्री के श्रीमुख से निकले मधुर भजनों और कथा रस ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालु झूम उठे और भक्ति में लीन होकर नृत्य करने लगे।

इस अवसर पर भारत विकास परिषद के अध्यक्ष  देवेंद्र गंगल जी के साथ मुख्य यजमान सुशीला गोयल एवं  वेदप्रकाश गोयल, विनय गोयल सहित परिषद के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से श्री पंकज जिंदल, अल्पेश गर्ग, के.के. बंसल, राम रतन शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी कथा में शामिल हुए।

श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के साथ ही संपूर्ण वातावरण “श्याम मुरली वाले” की भक्ति में डूब गया और नोएडा नगरी सात दिनों के लिए भक्तिरस के महासागर में समाहित हो गई।

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