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यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के स्वास्थ्य पर जागरूकता सत्र आयोजित

नोएडा llअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेक्टर-110, नोएडा स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में महिलाओं के स्वास्थ्य और बाल विकास पर केंद्रित एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सत्र में चिकित्सा विशेषज्ञों ने महिलाओं के लिए निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में माताओं की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अस्पताल ने ‘ स्त्री आरोग्यम पिंक कार्ड’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित करना और उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस कार्ड के माध्यम से महिलाओं को ओपीडी परामर्श, डायग्नोस्टिक जांच और प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप पैकेज पर विशेष छूट जैसी सुविधाएँ मिलेंगी।

कार्यक्रम में डॉ. प्रगति जैन, सीनियर कंसल्टेंट – ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, और डॉ. रोली मुंशी, सीनियर कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। हर उम्र में महिलाओं का स्वास्थ्य – किशोरावस्था से मातृत्व और उससे आगे” विषय पर बोलते हुए *डॉ. प्रगति जैन, सीनियर कंसल्टेंट – ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, यथार्थ हॉस्पिटल नोएडा 110 यूनिट* ने शुरुआती जागरूकता, सही पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, “आज के क्लिनिकल प्रैक्टिस में हम देख रहे हैं कि विभिन्न आयु वर्गों में महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं का स्वरूप बदल रहा है। किशोरियों में अनियमित पीरियड्स, दर्दनाक मासिक धर्म और एनीमिया जैसी समस्याएं आम हैं, जो अक्सर मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता की कमी के कारण बढ़ जाती हैं। वहीं 20 से 30 वर्ष की महिलाओं में पीसीओएस, मासिक धर्म की अनियमितता, थायरॉइड की समस्या और प्रजनन से जुड़ी चिंताएं बढ़ रही हैं, जिन पर बैठने वाली जीवनशैली, तनाव और असंतुलित खान-पान का बड़ा असर है। वास्तव में ओपीडी में आने वाली लगभग हर तीन में से एक युवा महिला में पीसीओएस या हार्मोनल असंतुलन के लक्षण देखे जा रहे हैं। 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में फाइब्रॉयड, अत्यधिक रक्तस्राव और पेरिमेनोपॉज से जुड़े लक्षण अक्सर सामने आते हैं। एक दशक पहले की तुलना में आज कई हार्मोनल और प्रजनन संबंधी समस्याएं कम उम्र में ही दिखाई देने लगी हैं, इसलिए जागरूकता, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा, “अक्सर महिलाएं अपने परिवार की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित जांच और समय पर चिकित्सा परामर्श बेहद आवश्यक है।”

इस अवसर पर *डॉ. रोली मुंशी, सीनियर कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी यथार्थ हॉस्पिटल नोएडा 110 यूनिट* ने “हर बच्चे की स्वस्थ शुरुआत – बच्चों के विकास और प्रतिरक्षा में माताओं की भूमिका” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बच्चों के लिए स्तनपान, संतुलित पोषण और समय पर टीकाकरण के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष उसकी मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली और स्वस्थ विकास की नींव रखते हैं।”यह इंटरएक्टिव सत्र प्रतिभागियों के लिए काफी उपयोगी रहा, जहां उन्होंने डॉक्टरों से सीधे संवाद कर निवारक स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के लिए आयोजित लंच के साथ हुआ।

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