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साइबर क्राइम पुलिस द्वारा निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी/ठगी करने वाला 01 अभियुक्त गिरफ्तार,

नोएडा ll थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना की सहायता से वादी को व्हाट्सएप के माध्यम से लिंक भेजकर एक ग्रुप में जोड़कर शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर वादी से 12,00,00,000 (बारह करोड़) रुपये की धोखाधड़ी/ठगी करने वाले चीनी (चाइनीज) गिरोह से जुड़े 01 अभियुक्त राजकुमार कुमावत पुत्र कमुतम नागैया को हैदराबाद, तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

वादी मुकदमा द्वारा दिनांक 03/12/2025 को थाना साइबर क्राइम में अभियोग पंजीकृत कराया गया था, जिसमें साइबर अपराधियों द्वारा वादी को व्हाट्सएप/टेलीग्राम के माध्यम से लिंक भेजकर एक ग्रुप में जोड़ते हुए शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर 35 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाकर 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। विवेचना में त्वरित कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी में संलिप्त संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया गया।

पूछताछ का विवरण-

अभियुक्त राजकुमार कुमावत से पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त ने अपने अन्य साथी बुक्का मनोहर के साथ मिलकर “मून ब्लॉसम” नामक फर्जी कंपनी खुलवाकर उसमें साइबर फ्रॉड के माध्यम से ₹1,22,00,000 प्राप्त किए, जिन्हें उन्होंने आपस में बाँट लिया। इसके अलावा, अन्य अपराधियों के साथ मिलकर उक्त घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना में संलिप्त 09 अपराधियों के विरुद्ध पूर्व में कार्यवाही की जा चुकी है और अन्य संलिप्त अपराधियों की तलाश जारी है।

एनसीआरपी पोर्टल पर अब तक इस घटना में प्रयुक्त बैंक खातों के विभिन्न राज्यों में कुल 03 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जो इस प्रकार हैं— 01. तमिलनाडु राज्य में 02 शिकायतें दर्ज हैं, जो निवेश फ्रॉड संबंधित हैं, जिनमें ₹2,76,01,900 की धोखाधड़ी की गई है; 02. दिल्ली राज्य में 01 शिकायत दर्ज है, जो निवेश फ्रॉड संबंधित है, जिसमें ₹6,01,647 की धोखाधड़ी की गई है।

साइबर जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव बिंदु-

*1-* किसी भी व्हाट्सएप/टेलीग्राम लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।

*2-* केवल वैध और प्रमाणित कंपनियों में निवेश करें; संदिग्ध फर्जी कंपनियों से बचें।

*3-* अपने बैंक खाते और डिजिटल भुगतान विवरण किसी अनजान व्यक्ति या ग्रुप के साथ साझा न करें।

*4-* किसी भी निवेश ग्रुप में शामिल होने से पहले उसकी वैधता और अधिकारियों द्वारा मान्यता अवश्य जांचें।

*5-* किसी भी संदिग्ध निवेश या फ्रॉड की जानकारी मिलने पर तुरंत साइबर क्राइम थाना या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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