श्री शनि सेवा समिति नोएडा एक दिवसीय भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक उत्सव
Noida llनववर्ष 2026 के प्रथम शनिवार दिनांक 3 जनवरी 2026 पर श्री सिद्धपीठ शनि मंदिर नौएडा में भव्य धार्मिक उत्सव हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न हुए तेलाषिशेक पूजन, हवन-यज्ञ एवं भजन संध्या कार्यक्रम में नौएडा दिल्ली से काफी भारी मात्रा में भक्तों ने शनिदेव महाराज की पूजा अर्चना की समिति के अध्यक्ष मानसिंह चौहान ने बताया कि आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डा. अवनीश त्रिपाठी जी, अन्तर राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक वाटिका,कार्यक्रम अध्यक्ष गिरीश बत्र, चैयरमेन तारिका ग्रुप्स,अति विशिष्ट अतिथि लायन डा .विनय सिसोदिया जी ने डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायंस क्लब इण्टर नेशनल, विशिष्ट अतिथि वी एन गुप्ता, विशिष्ट अतिथि पंकज गोयल, विशिष्ट अतिथि देवेन्द्र नागर, बाबा सेवा संस्थान ग्रेटर नोएडा, ज्योतिष रत्न गुरु गौतम ऋषि विनोद शर्मा नौएडा डोंट काम के साथ शनि सेवा समिति के पदाधिकारियों में मुख्य रूप से ठा. मानसिंह चौहान अध्यक्ष, एड.राजीव कुमार मिश्रा मन्त्री, दीपक गुप्ता कौषाध्यक्ष, प्रमोद त्यागी, उदय मिश्रा,राकेश सिंह अनिल कुमार, अरविन्द सोलंकी एस के ठक्कर अजीत सिंह नागर भूपेन्द्र शर्मा,दया शंकर तिवारी, संतोष पचौरी, एस सी गुप्ता, जे एम गुप्ता आर के वर्मा, हकुमत राय वी के पान्डेय, टी एन गुप्ता, संगिता चौधरी, डिम्पल आनन्द,पुनम सिंह,मुकेश गर्ग , अशोक शर्मा सहित काफी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। हवन-यज्ञ आचार्य सी भट्ट जी एवं उनकी विद्वान टीम के द्वारा विधि विधान से सम्पन्न कराया गया, सुन्दर काण्ड का पाठ पंकज मेहरा जी एवं उनकी समस्त टीम दिल्ली के द्वारा सम्पन्न कराया गया l

नववर्ष 2026 के प्रथम शनिवार के शुभ अवसर पर श्री सिद्धपीठ शनि मंदिर, सेक्टर-14, नोएडा में श्री शनि सेवा समिति (पंजी.) नोएडा के तत्वावधान में एक दिवसीय भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक उत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन शनि देव की कृपा प्राप्ति, समाज में शांति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के संचार हेतु किया गया।
मंदिर बना श्रद्धा और भक्ति का केंद्र प्रातःकाल से ही श्री सिद्धपीठ शनि मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने शनि देव के दर्शन कर अभिषेक, शनि शांति यज्ञ, सुंदरकांड पाठ, मंगल आरती, भजन संध्या एवं महाप्रसाद में सहभागिता की।
मंदिर परिसर में पूरे दिन वैदिक मंत्रोच्चारण और भक्ति संगीत का वातावरण बना रहा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा की अनुभूति हुई। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा भावना का भी प्रतीक रहा l



