फरीदाबाद में अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन सम्पन्न, गुरु गौतम ऋषि को “ज्योतिष महामहोपाध्याय” सम्मान से अलंकृत
फरीदाबाद- आचार्य उमाचंद्र मिश्र द्वारा आकाश होटल, फरीदाबाद (Delhi NCR) में भव्य अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर से पधारे प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों, विद्वानों और ज्योतिष प्रेमियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में ज्योतिष रत्न गुरु गौतम ऋषि जी को उनकी गहन विद्वता, अनुसंधानपरक दृष्टिकोण और समाजहित में ज्योतिष के अभूतपूर्व योगदान के लिए “ज्योतिष महामहोपाध्याय सम्मान” से अलंकृत किया गया। यह सम्मान देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य— देश के जाने माने ज्योतिषचार्य धर्मगुरु आचार्य एच. एस. रावत , आचार्य राजेश शर्मा , आचार्य मानवेंद्र रावत , आचार्य कृपाराम उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
गुरुजी गौतम ऋषि जी का योगदान-
गुरु गौतम ऋषि जीदेश दुनया के विख्यात हस्तरेखा और वास्तु विशेषज्ञ है, जिनका कार्यक्षेत्र केवल परामर्श तक सीमित नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और शैक्षणिक अनुसंधान पर आधारित है। वे अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। गुरुजी का मानना है कि —
“ज्योतिष केवल भविष्यवाणी नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला शास्त्र है, जो मानव को नैतिकता, धर्म और विज्ञान के संगम से जोड़ता है।”
गुरुजी ने बाल हस्तरेखा, ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव, वास्तु एवं जीवनशैली के गहन संबंधों पर अनेक शोध कार्य किए हैं। उनका उद्देश्य ज्योतिष को अंधविश्वास से मुक्त कर एक शैक्षणिक और वैज्ञानिक अनुशासन के रूप में स्थापित करना है।
इस अवसर पर आज तक चैनल के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य शैलेन्द्र पाण्डेय, जैन आचार्य अंजन, अरविन्द भारद्वाज, सतेंद्र श्रीवास्तव, राहुल वर्मा, मंजू शर्मा , अदिति शौकीन, प्रभात मिश्रा, मीनाक्षी शर्मा सहित देशभर से आए अनेक ज्योतिषाचार्य और विद्वानों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
सम्मेलन में “ज्योतिषीय ज्ञान की गंगा का अद्भुत संगम” विषय पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जिसमें ज्योतिष को आधुनिक युग में किस प्रकार शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा से जोड़ा जा सकता है, इस पर सारगर्भित चर्चा की गई।
गुरु गौतम ऋषि जी का यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत गौरव नहीं, बल्कि ज्योतिष जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि ज्योतिष यदि शोध और नैतिक दृष्टिकोण से किया जाए, तो यह समाज के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्तंभ बन सकता है।



