ज्योतिष रत्न गुरु गौतम ऋषि को वास्तु शास्त्री में मानद डॉक्टरेट (Hon. Ph.D) की उपाधि से सम्मानित किया

अहमदाबाद ll अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न गुरु गौतम ऋषि जी को भारतीय प्राच्य विद्या संस्थान – भारत (उन्मुक्त विश्व संस्थान) द्वारा वास्तु शास्त्री में मानद डॉक्टरेट (Hon. Ph.D) की उपाधि से सम्मानित किया गया।
अहमदाबाद भारतीय प्राच्य विद्या, ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न गुरु गौतम ऋषि जी को भारतीय प्राच्य विद्या संस्थान – भारत (उन्मुक्त विश्व संस्थान) द्वारा वास्तु शास्त्री में मानद डॉक्टरेट (Hon. Ph.D) की उपाधि से सम्मानित किया गया।
यह भव्य सम्मान समारोह अगोरा मॉल, अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित 28वें एस्ट्रो-वास्तु कॉन्फ्रेंस के दौरान संपन्न हुआ। गुरुजी के योगदान को मिला राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सम्मान संस्थान द्वारा यह मानद उपाधि गुरुजी गौतम ऋषि जी को हस्तरेखा विज्ञान, ज्योतिष, वास्तु शास्त्र तथा धर्मार्थ सेवा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, शोध एवं जनसेवा को देखते हुए प्रदान की गई।
गुरुजी ने वर्षों से अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन को मार्गदर्शन, समाधान और सकारात्मक दिशा प्रदान की है। वास्तु व ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय भूमिका गुरुजी गौतम ऋषि जी ने भारतीय प्राचीन विज्ञान विशेषकर वास्तु शास्त्र और ज्योतिष को आधुनिक समाज तक पहुँचाने, उसे सरल भाषा में समझाने और जनकल्याण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनकी सेवाएँ न केवल भारत में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सराही जा रही हैं। संस्थान की ओर से सम्मान
भारतीय प्राच्य विद्या संस्थान के पदाधिकारियों ने अपने वक्तव्य में कहा कि गुरुजी का कार्य भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, प्रचार और आधुनिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर उन्हें औपचारिक रूप से Hon. Doctor of Vastu Shastri (Ph.D) की उपाधि प्रदान की गई।
सम्मान से गौरवान्वित हुआ ज्योतिष जगत
इस उपलब्धि से न केवल गुरुजी गौतम ऋषि जी बल्कि पूरा ज्योतिष, वास्तु एवं आध्यात्मिक जगत गौरवान्वित हुआ है। उनके अनुयायियों और शुभचिंतकों में इस सम्मान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।



