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साइबर क्राइम व थाना फेस-1 पुलिस द्वारा नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश

  1. नोएडा llसाइबर क्राइम व थाना फेस-1 पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर 05 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 05 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, 03 फर्जी मोहर, 19 डेबिट/क्रेडिट/पैन कार्ड, 01 चेकबुक एवं कूटरचित दस्तावेज बरामद।

दिनांक 31.01.2026 को थाना साइबर क्राइम व थाना फेस-1 पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस व संकलित सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर 05 अभियुक्त 1. दुर्गेश कुमार पुत्र शीशपाल सिंह 2. सोनू कुमार पुत्र चमन लाल 3. पुनीत सिंह पुत्र रंजीत सिंह 4. अमन शर्मा पुत्र अरजेश शर्मा 5.आलोक पुत्र अनिल कुमार को थाना फेस-1 क्षेत्रांतर्गत सेक्टर-06 नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से 05 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, 03 फर्जी मोहर, श्रम विभाग की 11 कूटरचित आईडी, 19 डेबिट/क्रेडिट/पैन कार्ड, 01 चेकबुक एवं 03 बैंक खातों के स्टेटमेंट बरामद किए गए है।

पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करने की बात सामने आई है। अभियुक्तगण विभिन्न वेबसाइटों/पोर्टलों के माध्यम से नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों का डाटा एकत्रित कर, उन्हें मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। अभियुक्तों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से NCRP पोर्टल पर कुल 21 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिनके माध्यम से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि अभियुक्तों द्वारा अपने बैंक खातों में करोड़ों रुपये प्राप्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मु0अ0सं0-27/2022 धारा 120-B/419/420/467/468/471 भादवि व 66-C/66-D आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त सोनू कुमार एवं दुर्गेश कुमार को थाना सदर, गुरुग्राम (हरियाणा) पुलिस द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर संचालित करने के आरोप में पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।

साइबर जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव बिंदु-

1- नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी कॉल, ई-मेल या सोशल मीडिया संदेश पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी कंपनी की वैधता उसकी आधिकारिक वेबसाइट एवं अधिकृत ई-मेल डोमेन से अवश्य जांच लें।

2- नौकरी के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, ट्रेनिंग फीस या जॉइनिंग फीस मांगना साइबर ठगी का सामान्य तरीका है। ऐसे किसी भी भुगतान से पहले सतर्क रहें।

3- अपना आधार, पैन, बैंक विवरण, ओटीपी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति या कॉल सेंटर को कदापि साझा न करें।

4-फर्जी पहचान पत्र, कूटरचित ऑफर लेटर अथवा अनाधिकृत मोबाइल नंबरों से प्राप्त कॉल पर संदेह होने पर तत्काल संवाद बंद करें और साक्ष्य सुरक्षित रखें।

5- किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत NCRP पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें अथवा 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर गौतमबुद्धनगर पुलिस को सूचित करें l

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